गिर गाय (Gir Cow)
गिर (Gir) गाय भारतवर्ष की एक प्रमुख देशी नस्ल की गाय है | देशी गिर गाय को भारत में काठियावाड़ी , सोरठी , देसन , गुजराती गाय के नामो से भी जाना जाता है | जय देशी गाय की बात की जाती है तो सबसे पहले देशी नस्ल की गाय गिर गाय का नाम लिया जाता है | गिर गाय को भारतवर्ष में देशी नस्ल की सबसे बढ़िया गाय माना जाता है |
गिर गाय कम मूल्य में मिल जाती है। और यह गर्मी एवं अर्ध शुष्क जलवायु वाले इलाको में पलने योग्य होती है तथा दूध भी बढ़िया देती है | इस लेख के माध्यम से हम आपको गिर गाय की जानकारी प्रदान करने का सम्पूर्ण प्रयास करेंगे | तो आइये जानते है गिर गाय के बारे में |
गिर गाय के बारे में आवश्यक जानकारी :
भारतवर्ष एक कृषि प्रधान देश और यहाँ की आधे से ज्यादा अर्थव्यवस्था कृषि एवं पशुपालन पर आधारित है | ज्यादातर ग्रामीण लोग आज भी पशुपालन करते है जो किसानो की जीविका का एक प्रमुख आधार है | जब पशुपालन की बात करते है तो भारतवर्ष में गाय को सबसे ज्यादा पाला जाता है और भारतवर्ष में गाय को माँ का दर्जा भी दिया जाता है | भारत में देशी गायों में गिर गाय का नाम सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है |
देशी नस्ल की गाय गिर का नाम गुजरात राज्य के गिर नामक जंगल से लिया गया है | गिर गाय एक दुधारु नस्ल की देशी गाय है | गिर गाय को देश में देसन, गुजराती, काठियावाड़ी, सूरती, सोरठी, आदि नामों के द्वारा भी जाना जाता है | गिर गाय गुजरात के साथ साथ ही गुजरात राज्य के सीमावर्ती इलाको राजस्थान , महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश में भी बहुत पायी जाती है |
गुजरात राज्य में यह गिर गाय सोमनाथ, भावनगर, सौराष्ट्र के राजकोट, जूनागढ़ और अमरेली जिले में बहुत ज्यादा पाली जाती है | गिर गाय गुजरात राज्य के साथ ही राजस्थान , मध्यप्रदेश, हरियाणा , उत्तरप्रदेश में भी काफी लोकप्रिय है एवं बहुत ज्यादा पाली जाती है| भारतवर्ष के बाहर ब्राजील तक गिर गाय की लोकप्रियता फैली हुई है |
गिर गाय का घी, दूध, गोमूत्र एवं गोबर बढ़िया क्वालिटी का होता है जिसको बाजार में काफी बढ़िया कीमत पर बेचा जाता है | गिर गाय के दूध में सोने के तत्त्व पाए जाते है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा देते है | इस कारण से गिर गाय बहुत ज्यादा सर्दी एवं गर्मी में भी स्वस्थ एवं तंदुरस्त रहती है | गिर गाय की दो प्रमुख नस्ले स्वर्ण कपिला एवं देवमणि है | ज्यादातर गिर गाय लाल रंग की पायी जाती है,सफेद रंग की गिर गाय बहुत कम देखने को मिलती है और सफेद रंग की गाय के दूध से भगवान शंकर का अभिषेक करना बहुत ही शुभ माना जाता है |

गिर गाय की विशेषताएं (Gir Gay ki Vishestayen) :
- गिर गाय पहली बार लगभग अपनी 3 वर्ष की उम्र में बछड़े को जन्म देती है तथा बाद में भी नियमित अंतराल पर बछड़े को जन्म देती रहती है |
- गिर गाय प्रतिदिन औसतन 12 लीटर से ज्यादा दूध देती है |
- गिर गाय की रोग प्रतिरोधक क्षमता अन्य देशी गायों की तुलना में ज्यादा होती है जिसका कारण गिर गाय के दूध में सोने के कण पाए जाने के कारन होता है और गिर गाय को किसी भी मौसम में पाला जा सकता है |
- गिर गाय एक बार जब बछड़ा दे देती है तो अगली बार जब बछड़ा देगी उसके पहले 1300 लीटर से 2000 लीटर दूध का उत्पादन कर सकती है |
- गिर गाय की आयु के बारे में माना जाता है की इनकी आयु 12 वर्ष से 15 वर्ष के मध्य में होती है |
- उत्तल माथा होने से गिर गाय का कड़ी धुप से बचाव होता है |
- गिर गाय के दूध में वसा भी पाया जाता है जो की 4.4 से लेकर 5 प्रतिशत के मध्य हो सकता है |
- गिर गाय अपनी पूरी लाइफ में 6 से 12 बछड़ो को जन्म दे सकती है |
- गिर गाय के दूध में प्रोटीन ए – 2 (a 2 ) भी पाया जाता है |
गिर गाय की पहचान (Gir Gay ki Pahchan) :
गिर गाय को थोड़ा ध्यान से देखने पर हम गिर गाय को आसानी से पहचान सकते है | गिर गाय को निम्न पॉइंट्स के माध्यम से आसानी से पहचाना जा सकता है :
- गिर गाय का ज्यादातर 80 प्रतिशत शरीर लाल रंग का होता है |
- गिर गाय का माथा दूसरी देशी गायों के अपेक्षा बड़ा होता है |
- गिर गाय का वजन 400 से 500 किलोग्राम के बिच में पाया जाता है |
- जबकि सांड का वजन ज्यादातर 600 किलोग्राम से 750 किलोग्राम के मध्य हो सकता है |
- गिर नस्ल की गायों के कान लंबे होते है नीचे की और लटके रहते है |
- गीर गाय सफेद रंग की शरीर वाली , चॉकलेट एवं भूरे रंग के धब्बो के साथ और चमकदार लाल रंग के शरीर की भी होती है |
- गिर गाय का आकार माध्यम आकार से बड़ा होता है |
- गिर गाय का चेहरा अपेक्षाकृत लम्बा होता है |
- गिर गाय की पूँछ लंबी एवं गुच्छेदार होती है |
इन्ही सब ऊपर बताये गए बिन्दुओ के आधार पर आप आसानी से गिर गाय की पहचान कर सकते है |

गिर गाय के दूध एवं दूध के द्वारा बनाये घी के बारे में जानकारी :
- गिर गाय का दूध उत्पादन गाय को दिए जाने वाले आहार पर बहुत ज्यादा निर्भर करता है |
- गिर गाय औसतन 12 से 15 लीटर का उत्पादन प्रतिदिन करती है | कुछ गिर गाय 15 से ज्यादा 30 लीटर तक भी दूध दे सकती है |
- अभी तक की गयी विभिन्न प्रकार की जांचो में यह पता चल सका है की गिर गाय के दूध में प्रोटीन , विटामिन , एमिनो एसिड, चर्बीयुक्त एसिड , खनिज तत्त्व , नाइट्रोजन यौगिक , फॉस्पोरस , सर्करा , आयोडीन , सिलिकॉन पायी जाती है दूध में प्रमुख खनिज सोना, ताँबा, आयरन, कैल्शियम आदि भी पाये जाते है |
- गिर गाय के दूध को बहुत ही पौष्टिक , बुद्धि को बढ़ने वाला और मस्तिष्क के विकास के लिए सर्वोत्तम माना जाता है |
- गिर गाय का शुद्ध दूध अन्य देशी गाय के दूध की तुलना में महंगा होता ही जो बाजार में 60 रुपये से 200 रुपये प्रतिलीटर तक मिलता है |
- गिर गाय का शुद्ध देशी घी बाजार में 1500 रुपये से 2500 रुपये प्रति किलोग्राम तक में बिक जाता है |
गिर गाय की कीमत कितनी तक हो सकती है :
गिर गाय की कीमत उसके दूध देने की क्षमता , गिर गाय के रखाव, उम्र एवं स्वास्थ्य के आधार पर आंकी जाती है | इसके साथ ही गिर गाय का माथा कैसा है उसके आधार पर भी गाय की कीमत आंकी जाती है | भारत में गिर गाय की कीमत 30000 रुपये से लेकर 60000 रुपये तक हो सकती है |
गिर गाय के लिए किस प्रकार का आहार बढ़िया होता है :
गिर गाय के लिए आहार का मिश्रण बढ़िया माना जाता है | अगर आप को 100 किलोग्राम आहार का मिश्रण तैयार करना हो तो उसके लिए आपको 40 किलोग्राम गेहूं एवं एवं मक्का के दलिया , 24 किलोग्राम मुंग और चने का चुरा , सोयाबीन का चुरा 23 किलोग्राम, 10 किलोग्राम मूँगफली, सरसो , तिल या अन्य की खली , नमक की मात्रा 1 किलोग्राम, और 2 किलोग्राम खनिज को मिला कर गाय को दिए जाने के लिए आहार का मिश्रण तैयार किया जा सकता है |
इस आहार की 1 से 2 किलोग्राम की मात्रा पानी के साथ मिलाकर दी जाती है | गिर गायों को खेत में पैदा होने वाली हरी घास, मक्का की कड़प , गेंहू का खागला , जौ एवं अन्य चीजों का खागला भी देना बढ़िया माना जाता है |
गिर गाय के बारे में कही सुनी जाने वाली कुछ चर्चित बातें कौन सी है :
- ऐसी मान्यता है की पूर्ण रूप से सफेद गिर गाय बहुत कम मिलती है और उसके दूध से शिवजी को अगर अभिषेक किया जाये तो वह बहुत ही सुबह माना जाता है |
- गिर गाय के सबसे रोचक बात यह है की गिर गाय अधिकतम एक दिन में 50 लीटर तक दूध दे सकती है |
- गिर गायें दूसरी नस्ल की गायों से बहुत तगड़ी एवं मजबूत होती है |
- गिर गायों की रोग प्रतिरोधक क्षमता ज्यादा होने से यह किसी भी मौसम को आसानी से सहन कर लेती है |
- ऐसा माना जाता है की गिर गाय के दूध के सेवन से कभी कैंसर नहीं होता है।
- ऐसा कहा जाता है की गिर गाय के दूध में स्वर्ण प्रभाव गाय की पीठ की कुंभी में होने वाली सूर्यकेतु नाड़ी के कारण से होता है जो सूर्य किरणों के संपर्क से दूध में स्वर्ण का प्रभाव पैदा कर देती है |
- ऐसा माना जाता है की गिर गाय को शतावरी खिलाकर उस गाय का दूध रोज़ाना अगर मरीज को पिलाया जाये तो टीबी की बीमारी ठीक हो सकती है | गिर गाय का दूध इंसान का इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाता है , एवं गिर गाय के दूध के सेवन से कोलेस्ट्रॉल भी नहीं बढ़ता है |
- ऐसा भी माना जाता है की गिर गाय के दूध के सेवन से कई बीमारियों जैसे की बेहोशी, भ्रम, हृदयरोग, रक्तपित्त, कैंसर का खतरा बहुत कम हो जाता है |
इस प्रकार से हम आशा करते है की इस लेख को पढ़ने के बाद आप को गिर गाय की आवश्यक जानकारी और गिर गाय में पायी जाने वाली विशेषताओं , उसकी क्या पहचान है और गिर गाय की कीमत क्या है पता चल गया होगा जिसका की हमने सटीक जानकारी देने का प्रयास किया है | इस लेख में प्रदान की गयी जानकारी बढ़िया लगे तो इस लेख को शेयर करे जिससे की आम व्यक्ति भी गिर गे के बारे में जान पाए |
बहुत ही अच्छी जानकारी
Very nice