राजस्थान स्वदेशी पर्यटकों के साथ साथ विदेशी पर्यटकों (अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों) को भी आकर्षित करता है | राजस्थान के किले, हवेलियाँ , झीले , मंदिर , रेत के टीले , आदि देखने लायक है एवं एक बार इनको देखने के बाद आप इन स्थानों को जीवन में कभी भूल नहीं पायेंगे |
राजस्थान के लोक गीत व लोकनृत्य राजस्थान की संस्कृति को जिन्दा रखे हुए है | राजस्थान अपने पारम्परिक भोजन के लिए भी जाना जाता है | राजस्थान की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्धसाली इतिहास है जिसके कारण राजस्थान स्वदेशी पर्यटकों के साथ साथ विदेशी पर्यटकों (अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों) में भी काफी लोकप्रिय है | राजस्थान भारत आने वाले पर्यटकों के लिए गोल्डन ट्रायंगल का भी हिस्सा है | तो आइये जानते है राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थल / दर्शनीय स्थल के बारे में :
राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थल/ राजस्थान के दर्शनीय स्थल कौन कौन से है
जयपुर (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल)
राजस्थान के जयपुर शहर को पुरे विश्व में पिंक सिटी(गुलाबी शहर) के नाम से जाना जाता है | जयपुर राजस्थान की राजधानी है | जयपुर के सैकड़ों घरों के ऊपर किये गए गुलाबी रंग की वजह से जयपुर शहर को “गुलाबी शहर” नाम दिया गया है | जयपुर शहर अपनी सुंदरता , प्राचीन ऐतिहासिक महलो , प्राचीन ऐतिहासिक सुंदर किलो , मंदिरो, झीलों के लिए जाना जाता है, जिसके कारण जयपुर शहर पर्यटकों में काफी लोकप्रिय है | जयपुर शहर पारम्परिक , स्वादिष्ट एवं चटपटे भोजन के लिए भी जाना जाता है |
जयपुर( राजस्थान) के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल कौन से है :
- हवा महल
- आमेर किला
- नाहरगढ़ किला
- जयगढ़ फोर्ट
- जंतर मंतर
- जल महल
- सिटी पैलेस
- रामबाग पैलेस
- अल्बर्ट हॉल म्यूज़ियम
- बिरला मंदिर
जयपुर शहर में गुब्बारों की सैर , ऊंट कि सवारी एवं रॉक क्लाइम्बिंग का भी आनंद उठा सकते है | जयपुर शहर राजस्थान का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल है |

उदयपुर(राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) क्या है :
उदयपुर शहर को राजस्थान का “झीलों का शहर” के नाम से जाना जाता है | अरावली की पहाड़ियों एवं चार झीलों के प्राकृतिक सौंदर्य से गिरे होने के कारण इस शहर को “राजस्थान का कश्मीर” भी कहा जाता है |
खूबसूरत झीले और महलो के कारण उदयपुर शहर को “सीटी ऑफ़ लेक्स” “सीटी ऑफ़ पैलेस” तथा “पूर्व का वेनिस” भी कहा जाता है | यह शहर अपनी वास्तुकला एवं लकड़ी के खिलौनों के लिए भी जाना जाता है |
उदयपुर शहर में कौन कौन से पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल है :
- सज्जनगढ़ किला
- फतह सागर झील
- सिटी पैलेस
- पिछोला झील
- जग मंदिर
- ताज लेक पैलेस
- जगदीश टेम्पल
- सहेलियों की बड़ी
- विंटेज कार म्यूज़ियम
- एकलिंग जी मंदिर
- दूध तलाई
- जयसमंद झील
- शिल्पग्राम
- मोती मगरी
- सास बहू मंदिर
उदयपुर शहर राजस्थान का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल है | इस शहर की झीले पर्यटकों को बहुत आकर्षित करती है | उदयपुर शहर मेवाड़ की राजधानी था |

जोधपुर (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) :
जोधपुर शहर को “गेटवे टू थार”के नाम से जाना जाता है | जोधपुर शहर राजस्थान राज्य का दूसरा बड़ा शहर है, एवं जोधपुर सहर को ब्लू सिटी(Blue City) के नाम से भी जाना जाता है | घरो की नीली दीवारों के कारण ही इस शहर को “ब्लू सिटी”के नाम से जाना जाता है | जोधपुर शहर की स्थापना राठौड़ वंश के राजपूत महाराजा राव जोधा जी ने 1459 ईस्वी मे की और इन्ही के नाम से इस नाम जोधपुर रखा गया था |
जोधपुर शहर मारवाड़ का हिस्सा था | जोधपुर शहर में पुरे साल भर में खुली धूप के कारण “सन सिटी” “सूर्य नगरी” भी कहा जाता है | जोधपुर शहर राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल है |
जोधपुर शहर में स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल
- मेहरानगढ़ फोर्ट
- मंडोर गार्डन
- मोती महल
- उम्मेद भवन पैलेस
- बालसमंद झील
- घंटा घर
- खेजडला किला
- कायलाना झील
- शीश महल
- फूल महल
- रानीसर
- पद्मसर झील
- राय का बाग पैलेस
- फन वर्ल्ड
- घंटाघर
- जसवंत थड़ा।
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जैसलमेर (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) :
जैसलमेर शहर को राजस्थान की “गोल्डन सिटी”के नाम से जाना जाता है | रेत के उड़ते सुनहरे पीले टीलों के कारण इस शहर को गोल्डन सिटी का नाम दिया गया है | यह शहर राजस्थान का एक प्रसिद्ध राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल है जो पाकिस्तान की सीमा के बहुत नजदीक है |
यहाँ सुनहरे पीले रंग के चुना पत्थर से बने बहुत से ऐतिहासिक स्थल है | इसे “सुनहरा शहर” के नाम से भी जाना जाता है | थार के रेगिस्तान की रेतीली पहाड़ियां ही जैसलमेर की सुन्दरता की प्रतीक है | यदुवंशी भाटी रावल जैसल ने जैसलमेर शहर की स्थापना 1156 ईस्वी में की थी जो की भगवान श्री कृष्ण के वंशज थे |
जैसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल
- जैसलमेर का किला
- गाड़ीसर झील
- सैम सैंड ड्युन्स
- पटवों की हवेली
- अमर सागर झील
- जैन मंदिर
- डेजर्ट नेशनल पार्क
- नथमल की हवेली
- डेजर्ट कल्चर सेंटर एंड म्यूजियम
- ताज़िया टॉवर
- बादल महल।
इस शहर में आप डेजर्ट , जीप सफारी का आनंद ले सकते है | यहाँ ऊँट पर सवार होकर मरूस्थल से होकर रात के समय में गुज़रना एवं रात्री में कैंप में रहकर आसमान के नीचे रात गुज़ारना बहुत ही सुखद अनुभव प्रदान करता है |

चित्तौड़गढ़ (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) :
चित्तौड़गढ़ शहर अपने किले के लिए प्रसिद्ध है | चित्तौड़गढ़ मेवाड़ की राजधानी भी रहा था | चित्तौड़गढ़ को कई ऐतिहासिक लड़ाइयों के लिए जाना जाता है जो इतिहास के पन्नो में दर्ज है | चित्तौड़गढ़ का किला एक पहाड़ी पर स्थित है जो लगभग 700 मैं फैला हुआ है |
चित्तौड़गढ़ किले की इमारते आज भी अपने त्याग , शौर्य और वीरता की कहानी को बताती है | इस्लामिक आक्रान्ता अल्लाउदीन खिलजी ने 1303 ईस्वी में चितौडगढ़ पर आक्रमण किया तब रानी पद्मिनी इसी चितौडगढ़ की महारानी थी, जिन्होंने बहुत सारी महिलाओं के साथ सामूहिक जौहर किया |
चितौडगढ़ दुर्ग के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल
- चितौडगढ़ दुर्ग
- विजय स्तंभ
- कीर्ति स्तंभ
- मीरा मंदिर
- कलिका माता मंदिर
- गौमुख जलाशय
- झांतला माता
- पद्मनी महल

हिल स्टेशन माउंट आबू राजस्थान के पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल :
राजस्थान में माउंट आबू एकमात्र हिल स्टेशन है | माउंट आबू को राजस्थान का शिमला कहा जाता है | समुद्र तल से 1220 मीटर की उचाई पर स्थित जहा पर राजस्थान में सबसे ज्यादा ठण्ड पड़ती और सबसे ज्यादा वर्षा होती है | अपने आस पास की हरियाली एवं ठंडे वातावरण के कारण माउंट आबू पर्यटकों में काफी लोकप्रिय है एवं इसे राजस्थान का बेहद पसंदीदा पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल में शुमार किया जाता है |
माउंटआबू शहर के पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल :
- दिलवाडा जैन मंदिर
- गुरु शिखर
- नक्की झील
- सनसेट पॉइंट
- माउंट आबू बाज़ार
- अचलेश्वर महादेव मंदिर
- ट्रेवर का टैंक
- टॉड रॉक
- माउंट आबू वन्यजीव अभयारण्य
- ट्रेवर का मगरमच्छ पार्क
- अचलगढ़ किले के खंडहर।

अजमेर (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल):
अजमेर शहर को पूर्व में अजयमेरु के नाम से जाना जाता था | यह शहर पहाड़ियों से गिरा हुआ है |
अजमेर के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल
- अजमेर शरीफ दरगाह
- किशनगढ़ किला
- फॉय सागर लेक
- आनासागर लेक
- नारेली जैन मंदिर
- साईं बाबा मंदिर
- अढ़ाई दिन का झोपड़ा
- तारागढ़ फोर्ट
- सोनीजी की नसियां
रणथंभोर/ सवाई माधोपुर के घूमने के स्थान (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) :
सवाई माधोपुर जब भी जाये तो यहाँ के प्रसिद्ध मोतीचूर, खरबूजे के लड्डू जरूर खाये |
सवाई माधोपुर शहर एवं आस पास के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल
- रणथम्भौर किला
- रणथंभौर नेशनल पार्क
- कैलादेवी मंदिर
- घुस्मेश्वर मंदिर
- श्री महावीर मंदिर
- सुनहरी कोठी
रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान पूर्व में राजघरानो लिए शिकार करने की एक जगह हुआ करती थी | रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान एक प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल जहाँ आप जीप सफारी या कैंटर सफारी का आनंद ले सकते है | यह एक आबादी वाला बाघ अभयारण्य है और इसमें अन्य वन्यजीव जैसे हिरण, मोर, सरीसृप और कई पक्षी प्रजातियां पायी जाती है |

कुंभलगढ़ (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल)
ऐसा माना जाता है की यहाँ की दिवार चीन की दिवार के बाद दुनिआ की दूसरी बड़ी दिवार है | इस किले की दिवार की लम्बाई लगभग 36 किमी है | कुम्भलगढ किले को मेवाड की आँख के रूप में जाना जाता हैं | यह स्थान यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल है | इस किले के अंदर एक और गढ़ है जिसे “कटारगढ़” के नाम से जाना जाता है | कुंभलगढ़ किले में सात द्वार हैं शीर्ष भाग में बादल महल स्थित है व कुम्भा महल सबसे ऊपर स्थित है |

बांसवाडा (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) :
आदिवाशियों के शहर के नाम से बांसवाड़ा को जाना जाता है | माहि बांध जो की 109 मीटर लम्बा है जो एक बढ़िया स्थान है | इस जिले को सौ दीपो का शहर, मानसून का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है | माहि नदी पर महाराणा प्रताप पल बना है जो की 1.27 किलोमीटर लम्बा है |
बांसवाडा के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल
- त्रिपुरा सुंदरी मंदिर
- माही डैम
- कागदी पिक अप वियर
- मदारेश्वर मंदिर
- मानगढ़ धाम
- छींछ मंदिर
- सिंगपुरा
- अंदेश्वर पार्श्वनाथजी
- आनंद सागर लेक
- तलवाड़ा मंदिर
पुष्कर (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) :
पुष्कर शहर अजमेर जिले में स्थित एक प्राचीन शहर है एवं इस शहर को भारत में तीर्थ स्थलों का राजा कहा जाता है | पुष्कर में ब्रह्मा जी को समर्पित एक मात्र मंदिर जिसके लिए ही यह शहर प्रसिद्ध है | पुष्कर में नवंबर माह में भारत का सबसे बड़ा ऊँटों के मेले का आयोजन होता है |
पुष्कर की संस्कृति पर्यटकों को बरबस अपनी और आकर्षित करती है | पुष्कर का नाम राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल में लिया जाता है | ऐसा कहा जाता है की पुष्कर झील भगवान शंकर के आंसुओं से बनी है | इस झील को पुरे भारत में पवित्र माना जाता है |
पुष्कर के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल
- पुष्कर झील
- ब्रह्मा मंदिर
- सावित्री मंदिर
- आपेश्वर मंदिर
- वराह मंदिर
- रंगजी मंदिर
- मन महल

बीकानेर (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) :
पहले जांगल देश के नाम से बीकानेर को जाना जाता था जिसको राव बीकाजी ने सन् 1488 ई में बसाया था | ऊँट अनुसंधान और प्रजनन केन्द्र दुनिया का सबसे बड़ा बीकानेर में ही है | बीकानेर शहर को “ऊँटों का देश” कहा जाता है |
बीकानेर में एशिया की सबसे बड़ी उन की मंडी है जिसके कारण बीकानेर को ” उन का घर” भी कहा जाता है | अपने लाल रंग के कारण बीकानेर के क़िले व महल अलग ही नज़र आते हैं | बीकानेर (जूनागढ़ क़िले) में सुरक्षित रखा ’द्विपंखी विमान’ का एक दुर्लभ मॉडल आज भी अपने आप में अजूबा है | बीकानेर का बीकानेरी भुजिया एवं रसगुल्ला पुरे भारत में प्रसिद्ध है |
बीकानेर के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल
- जूनागढ़ किला
- राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केन्द्र
- लालगढ़ पैलेस और म्यूज़ियम
- रामपुरिया हवेली
- गंगा संग्रहालय (राजकीय)
- लक्ष्मी निवास महल
- प्राचीन संग्रहालय
- देशनोक – करणी माता मंदिर
- जैन मन्दिर भांडाशाह
- गजनेर पैलेस और झील
- गजनेर वन्यजीव अभ्यारण्य
- राजस्थान राज्य अभिलेखागार
- कोलायत
- कतरियासर गाँव
भरतपुर / केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान का पर्यटन (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) :
पक्षियों के स्वर्ग के नाम से भी भरतपुर को जाना जाता है | यह शहर केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के लिए भी जाना जाता है | पूर्व में इसको भरतपुर पक्षी विहार भी कहा जाता है | इस राष्ट्रीय उद्यान में अलग अलग पशु पक्षियों की 370 प्रजातियाँ पायी जाती है परन्तु यह बर्ड सेंचुरी के नाम से ज्यादा फेमस है | आप को यहाँ बहुत सारे अनोखे पक्षी देखने को मिलेंगे | केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की 230 प्रजातियाँ पायी जाती हैं | यह एक बड़ा पक्षी अभयारण्य और एक पुराना शाही खेल अभ्यारण्य है | प्रवासी पक्षियों में साइबेरियन सारस यहाँ सर्दियों के मौसम में बहुत आते है |
भरतपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल
- भरतपुर महल और संग्रहालय
- गंगा मंदिर
- लक्ष्मण मंदिर
- लोहागढ़ क़िला
- डीग
- बंध बारेठा
- कामां
- राज निवास पैलेस
सरिस्का बाघ अभयारण्य/ अलवर में कौनसे पर्यटन स्थल है (राजस्थान का पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल) :
राजस्थान राज्य के अलवर जिले में सरिस्का बाघ अभयारण्य स्थित है | यहाँ पर चित्ता , बाघ , सांभर ,चिंकारा जंगली सूअर आदि बहुत सारे वन्य जीव पाए जाते है | 2005 में यहा से बाघों की आबादी गायब हो गयी थी लेकिन 2008 में बाघ पुनर्वास कार्यक्रम शुरु किया गया था जिसके बाद बाघों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गयी हैं |
सरिस्का और अलवर जिले के पर्यटन स्थल/ दर्शनीय स्थल :
- बाला किला अलवर
- भानगढ़ का किला अलवर
- सरिस्का पैलेस अलवर
- सिलीसेढ़ झील
- केसरोली अलवर
- विनय विलास महल या सिटी पैलेस
- नीलकंठ महादेव मंदिर
- विजय मंदिर महल अलवर
- पांडुपोल मंदिर अलवर
- मूसी महारानी की छतरी अलवर

FAQ
Q : राजस्थान में कितने पर्यटन स्थल हैं?
Ans : राजस्थान में बहुत सारे पर्यटन स्थल है जिनको 10 पर्यटन सर्किटों में बाँटा गया है |
Q : राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध क्या है?
Ans : राजस्थान में विश्व प्रसिद्ध किले , महल , झीले , एवं खाने में दाल एवं बाटी प्रसिद्ध है |
Q : राजस्थान राज्य का सबसे बड़ा मंदिर कौन सा है?
Ans : किराडू का शिव मंदिर |
Q : राजस्थान का पुराना नाम क्या है?
Ans : राजपुताना |
Q : राजस्थान का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल किसे कहा जाता है ?
Ans : पुष्कर |
Q : राजस्थान का राज्य नृत्य किसे कहा जाता है?
Ans : घूमर |